Coles

Loading Inventory...
A Life Sketch Maya Devi Puran Singh

A Life Sketch Maya Devi Puran Singh in Grande Prairie, AB

Current price: $1.34
Get it at ColesVisit retailer's website
A Life Sketch Maya Devi Puran Singh

Coles

A Life Sketch Maya Devi Puran Singh in Grande Prairie, AB

Current price: $1.34
Loading Inventory...

Size: Kobo eBook

*Product information and pricing may vary - to confirm current pricing, availability, shipping, and return information please contact Coles. In the event of a pricing discrepancy, the retailer's price will apply.
"पूरन सिंह का जन्म 17 फरवरी 1881 को हजारा जिला के नगर एबटाबाद में सलहद नामक गांव में हुआ जो कि अब के पाकिस्तान में है। पूरन सिंह अपने मां बाप के जेष्ट पुत्र थे और इण्टर की परीक्षा पास कर वह विदेष चले गये थे जो कि टोकिया से रसायन शास्त्री की उपाधि धारण कर स्वदेश लौटे और आते ही उनका विवाह माया देवी से हो गया था। पूरन सिंह ने लाहौर से अध्यन शुरू किया था और अपना जीवन एक षिक्षक के रूप में शुरू किया था और उपाधियां अर्जित की थी। वह अंग्रेजी, हिन्दी, पंजाबी, संस्कृत आदि भाषाओं के बेहतर ज्ञान से सुषोभित थे। पूरन सिंह ने अपने जीवन काल में इन सभी चार भाषाओं में ढेर सारी लेख कहानियां, पंजाबी भाषा संस्मरण आदि की रचना की थी। यही नहीं अघ्यात्मक ज्ञान उनकी नस-नस में समाया था। वह स्वामी रामतीर्थ के सच्चे भक्त थे। इनकी भावनात्मक शैली की प्रमुखता। वह सर्वश्रेष्ठ निबन्धकार थे। उनकी मृत्यु का वर्णन माया देवी पूरन सिंह नामक पुस्तक के अन्तिम पृष्ठ पर पढ़ा जा सकता है।
"पूरन सिंह का जन्म 17 फरवरी 1881 को हजारा जिला के नगर एबटाबाद में सलहद नामक गांव में हुआ जो कि अब के पाकिस्तान में है। पूरन सिंह अपने मां बाप के जेष्ट पुत्र थे और इण्टर की परीक्षा पास कर वह विदेष चले गये थे जो कि टोकिया से रसायन शास्त्री की उपाधि धारण कर स्वदेश लौटे और आते ही उनका विवाह माया देवी से हो गया था। पूरन सिंह ने लाहौर से अध्यन शुरू किया था और अपना जीवन एक षिक्षक के रूप में शुरू किया था और उपाधियां अर्जित की थी। वह अंग्रेजी, हिन्दी, पंजाबी, संस्कृत आदि भाषाओं के बेहतर ज्ञान से सुषोभित थे। पूरन सिंह ने अपने जीवन काल में इन सभी चार भाषाओं में ढेर सारी लेख कहानियां, पंजाबी भाषा संस्मरण आदि की रचना की थी। यही नहीं अघ्यात्मक ज्ञान उनकी नस-नस में समाया था। वह स्वामी रामतीर्थ के सच्चे भक्त थे। इनकी भावनात्मक शैली की प्रमुखता। वह सर्वश्रेष्ठ निबन्धकार थे। उनकी मृत्यु का वर्णन माया देवी पूरन सिंह नामक पुस्तक के अन्तिम पृष्ठ पर पढ़ा जा सकता है।

Find at Prairie Mall in Grande Prairie, AB

Visit at Prairie Mall in Grande Prairie, AB
Powered by Adeptmind